शुक्रवार, 12 सितंबर 2014

DIWALI PAISO SE NAHI ... KHUSIYON SE MANAIYE

                       आज से लगभग 2 महीने बाद दिवाली है। हमारे देश में जब दिवाली होती है. तब हर साल लगभग 3000 करोड़ की चीनी लाइट्स भारत में आती हैं। मैंने ये पोस्ट अभी इसलिए डाली है. ताकि दिवाली तक सबकी Timeline और सोशल मीडिया पर ये पोस्ट फ़्लैश होनी चाहिए.....
मेरी आप सब से गुजारिश है की कृपया चीन में बनी लाइट्स मत खरीदिये। सिर्फ स्वदेशी भारत में बने स्वदेशी दीपमाला प्रयोग कीजिये। इससे भारत में रोज़गार के अधिक अवसर पैदा होंगे तथा अपना पैसा अपने देश में रहेगा......
कुछ लोग कहेंगे की चीनी लाइट्स बहुत सस्ती होती हैं। तो चलिए इसका एक तुलनात्मक अध्धयन करते हैं......
1 चीनी लाइट की औसतन कीमत 25-35 ₹ के बीच होती है। और कुछ लाइट्स की कीमत तो 100 से लेकर 500 ₹ तक भी होती है। औसतन एक घर में 10 लाइट्स। मतलब एक परिवार लगभग 250 से 1000 ₹ तक इन चीनी लाइट्स पर खर्च करता है। अगर आप दीपक जलाएंगे तो सबसे पहले तो ये वातावरण को शुद्ध करता है और अब इसकी कीमत का आंकलन करते हैं। 1 लीटर सरसों का तेल लगभग 80 ₹, 200 मिट्टी के दिए लगभग 50 ₹ और रुई की बत्ती लगभग 10 ₹। मतलब 200 दीपक जलाने का खर्च सिर्फ 140 ₹। तो आप अंदाजा लगाओ की 200 दीपक रखने से आपके घर में ज्यादा रौशनी होगी या 10 लाइट्स से.....॥॥
दीपमाला लगाने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर होने वाले लाभों की सूची इस प्रकार है-
1. जो मिट्टी के बने दीपक आप खरीदेंगे. वो ज्यादातर हमारे देश के गरीब कुम्हार बनाते हैं। आपके द्वारा दीपक ख़रीदने से उनको रोजगार मिलेगा तथा भारत से गरीबी ख़त्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा......
2. सरसों के तेल के दीपक जलाने से पटाखों के द्वारा होने वाला प्रदूषण की मात्रा कम होती है......
3. हमारे देश का पैसा देश में रहेगा। जिससे औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा विदेशी निवेश की ज़रुरत कम हो जाएगी। जो लोग इस पेज पर FDI को लेकर सबसे ज्यादा कमेंट्स करते हैं, उनको करारा ज़वाब मिलेगा.....
4. भारतीय संस्कृति को बढावा मिलेगा। इस समय सबसे ज्यादा खतरा भारतीय संस्कृति को ही है.....
5. आपके मन को शांति मिलेगी.......
मेरे जो भाई FDI को लेकर कमेंट्स करते हैं। मेरी उन लोगों से भी गुजारिश है कृपया दिवाली पर इन सब बातों का ध्यान रखिये। यह FDI को भागने की दिशा में एक और बहुत बड़ा कदम होगा.......
इसके साथ साथ एक बात का और ध्यान रखें। कुछ कंपनियां, अपने रैपर पर गणेश जी एवं लक्ष्मी माता तथा अन्य देवी देवताओं के चित्र लगाते हैं। आप सभी से अनुरोध है, कृपया भगवान तथा देवी देवताओं के रैपर वाली चीज़ों का प्रयोग ना करें। इस्तेमाल करने के बाद रैपर को फेंक दिया जाता है, जिससे हमारे देवी देवताओं का अपमान होता है.......
स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ.....
हमारा उद्देश्य......
1 डॉलर = 1 रुपया

जो भरा नहीं है भावों से, जिसमें बहती रसधार नहीं......
वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं......
मेरी आप सब से गुजारिश है की कृपया चीन में बनी लाइट्स मत खरीदिये। सिर्फ स्वदेशी भारत में बने स्वदेशी दीपमाला प्रयोग कीजिये। इससे भारत में रोज़गार के अधिक अवसर पैदा होंगे तथा अपना पैसा अपने देश में रहेगा......
कुछ लोग कहेंगे की चीनी लाइट्स बहुत सस्ती होती हैं। तो चलिए इसका एक तुलनात्मक अध्धयन करते हैं......
1 चीनी लाइट की औसतन कीमत 25-35 ₹ के बीच होती है। और कुछ लाइट्स की कीमत तो 100 से लेकर 500 ₹ तक भी होती है। औसतन एक घर में 10 लाइट्स। मतलब एक परिवार लगभग 250 से 1000 ₹ तक इन चीनी लाइट्स पर खर्च करता है। अगर आप दीपक जलाएंगे तो सबसे पहले तो ये वातावरण को शुद्ध करता है और अब इसकी कीमत का आंकलन करते हैं। 1 लीटर सरसों का तेल लगभग 80 ₹, 200 मिट्टी के दिए लगभग 50 ₹ और रुई की बत्ती लगभग 10 ₹। मतलब 200 दीपक जलाने का खर्च सिर्फ 140 ₹। तो आप अंदाजा लगाओ की 200 दीपक रखने से आपके घर में ज्यादा रौशनी होगी या 10 लाइट्स से.....॥॥
दीपमाला लगाने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर होने वाले लाभों की सूची इस प्रकार है-
1. जो मिट्टी के बने दीपक आप खरीदेंगे. वो ज्यादातर हमारे देश के गरीब कुम्हार बनाते हैं। आपके द्वारा दीपक ख़रीदने से उनको रोजगार मिलेगा तथा भारत से गरीबी ख़त्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा......
2. सरसों के तेल के दीपक जलाने से पटाखों के द्वारा होने वाला प्रदूषण की मात्रा कम होती है......
3. हमारे देश का पैसा देश में रहेगा। जिससे औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा विदेशी निवेश की ज़रुरत कम हो जाएगी। जो लोग इस पेज पर FDI को लेकर सबसे ज्यादा कमेंट्स करते हैं, उनको करारा ज़वाब मिलेगा.....
4. भारतीय संस्कृति को बढावा मिलेगा। इस समय सबसे ज्यादा खतरा भारतीय संस्कृति को ही है.....
5. आपके मन को शांति मिलेगी.......
मेरे जो भाई FDI को लेकर कमेंट्स करते हैं। मेरी उन लोगों से भी गुजारिश है कृपया दिवाली पर इन सब बातों का ध्यान रखिये। यह FDI को भागने की दिशा में एक और बहुत बड़ा कदम होगा.......
इसके साथ साथ एक बात का और ध्यान रखें। कुछ कंपनियां, अपने रैपर पर गणेश जी एवं लक्ष्मी माता तथा अन्य देवी देवताओं के चित्र लगाते हैं। आप सभी से अनुरोध है, कृपया भगवान तथा देवी देवताओं के रैपर वाली चीज़ों का प्रयोग ना करें। इस्तेमाल करने के बाद रैपर को फेंक दिया जाता है, जिससे हमारे देवी देवताओं का अपमान होता है.......
स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ.....
हमारा उद्देश्य......
1 डॉलर = 1 रुपया

जो भरा नहीं है भावों से, जिसमें बहती रसधार नहीं......
वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं......
कुछ लोग कहेंगे की चीनी लाइट्स बहुत सस्ती होती हैं। तो चलिए इसका एक तुलनात्मक अध्धयन करते हैं......1 चीनी लाइट की औसतन कीमत 25-35 ₹ के बीच होती है। और कुछ लाइट्स की कीमत तो 100 से लेकर 500 ₹ तक भी होती है। औसतन एक घर में 10 लाइट्स। मतलब एक परिवार लगभग 250 से 1000 ₹ तक इन चीनी लाइट्स पर खर्च करता है। अगर आप दीपक जलाएंगे तो सबसे पहले तो ये वातावरण को शुद्ध करता है और अब इसकी कीमत का आंकलन करते हैं। 1 लीटर सरसों का तेल लगभग 80 ₹, 200 मिट्टी के दिए लगभग 50 ₹ और रुई की बत्ती लगभग 10 ₹। मतलब 200 दीपक जलाने का खर्च सिर्फ 140 ₹। तो आप अंदाजा लगाओ की 200 दीपक रखने से आपके घर में ज्यादा रौशनी होगी या 10 लाइट्स से.....॥॥दीपमाला लगाने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर होने वाले लाभों की सूची इस प्रकार है-1. जो मिट्टी के बने दीपक आप खरीदेंगे. वो ज्यादातर हमारे देश के गरीब कुम्हार बनाते हैं। आपके द्वारा दीपक ख़रीदने से उनको रोजगार मिलेगा तथा भारत से गरीबी ख़त्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा......2. सरसों के तेल के दीपक जलाने से पटाखों के द्वारा होने वाला प्रदूषण की मात्रा कम होती है......3. हमारे देश का पैसा देश में रहेगा। जिससे औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा विदेशी निवेश की ज़रुरत कम हो जाएगी। जो लोग इस पेज पर FDI को लेकर सबसे ज्यादा कमेंट्स करते हैं, उनको करारा ज़वाब मिलेगा.....4. भारतीय संस्कृति को बढावा मिलेगा। इस समय सबसे ज्यादा खतरा भारतीय संस्कृति को ही है.....5. आपके मन को शांति मिलेगी.......मेरे जो भाई FDI को लेकर कमेंट्स करते हैं। मेरी उन लोगों से भी गुजारिश है कृपया दिवाली पर इन सब बातों का ध्यान रखिये। यह FDI को भागने की दिशा में एक और बहुत बड़ा कदम होगा.......इसके साथ साथ एक बात का और ध्यान रखें। कुछ कंपनियां, अपने रैपर पर गणेश जी एवं लक्ष्मी माता तथा अन्य देवी देवताओं के चित्र लगाते हैं। आप सभी से अनुरोध है, कृपया भगवान तथा देवी देवताओं के रैपर वाली चीज़ों का प्रयोग ना करें। इस्तेमाल करने के बाद रैपर को फेंक दिया जाता है, जिससे हमारे देवी देवताओं का अपमान होता है.......स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ.....हमारा उद्देश्य......1 डॉलर = 1 रुपया
जो भरा नहीं है भावों से, जिसमें बहती रसधार नहीं......वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं......

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